300 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
भोपाल : रविवार, जून 22, 2025/ मध्यप्रदेश अग्रवाल महासभा (रजि.) द्वारा आयोजित अग्रवंश प्रतिभा सम्मान समारोह 2025 रविवार, 22 जून को हिंदी भवन, भोपाल में गरिमापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह में प्रदेशभर से चयनित 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधायक व भाजपा प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी,महापौर मालती राय शामिल हुए।
विशेष रूप से भगवानदास सबनानी ने समाज के 10 विशिष्ट प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मंच से स्वहस्तों से मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की, उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज दानवीरों का समाज है, समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रवाल समाज हमेशा अग्रणीय भूमिका में रहता है, साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी समाज ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा अग्रवाल समाज सदियों से लक्ष्मी पुत्र कहलाता आया है, लेकिन अब यह समाज सरस्वती यानी शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अमिट छाप छोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के मेधावी बच्चे देश और समाज के भविष्य निर्माता हैं।
समारोह की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने की। उन्होंने कहा, बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा और भगवान अग्रसेन के आदर्शों को भी अपनाना चाहिए।
प्रांतीय महामंत्री मुकेश गोयल ने आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा को सफलतापूर्वक संचालित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा यह आयोजन समाज की एकता और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन की दिशा में सशक्त पहल है।
कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष नितिन कुमार गुप्ता, प्रांतीय महिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने भी कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
मीडिया प्रभारी विनीत अग्रवाल ने जानकारी दी कि कार्यक्रम की तैयारियाँ पिछले कई हफ्तों से चल रही थीं और सभी टीमों ने समर्पण के साथ कार्य किया।
युवा कार्यकारिणी अध्यक्ष शिशिर अग्रवाल ने कहा कि युवाओं में कार्यक्रम को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और भविष्य में इसे और भव्य रूप देने की योजना है।
कार्यक्रम में मंच संचालन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान के विविध चरण अत्यंत प्रभावशाली एवं अनुशासित रहे, जिससे समाज में गर्व, एकता और प्रेरणा की भावना जागृत हुई।




