विपक्षी दलों के विश्वासघात के खिलाफ मध्यप्रदेश सहित देशभर की महिलाओं में आक्रोश है – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल : सोमवार, अप्रैल 20, 2026/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को संसद में पारित नहीं होने देने पर विपक्षी दलों के खिलाफ महिला नेत्रियों के साथ सोमवार को भोपाल में आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा में शामिल होकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 को लागू करने में रोड़ा अटकाकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी व डीएमके जैसे राजनीतिक दलों ने बहनों के अधिकारों पर डाका डाला है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। महिलाएं सब कुछ भूल सकती हैं, लेकिन अपना अपमान नहीं भूल सकतीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाया है। विपक्षी दलों के विश्वासघात के खिलाफ मध्यप्रदेश सहित देश भर की महिलाओं में आक्रोश है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के अधिकारों पर डाका डालने के लिए महिलाएं सबक जरूर सिखाएंगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से देश की आधी आबादी को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार देने का कार्य कर रहे थे। विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार देने से रोका है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों का कृत्य संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान है। कांग्रेस का इतिहास हमेशा से महिला विरोधी रहा है। जन आक्रोश महिला पदयात्रा को पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस, प्रदेश महामंत्री व सांसद लता वानखेड़े, सांसद कविता पाटीदार, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे एवं कवयित्री अनामिका अंबर ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास नहीं हो सका, इस पर कांग्रेस संसद में जश्न मना रही थी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को पहले बड़ी-बड़ी बातें करती थीं-लड़की हूं लड़ सकती हूं। लेकिन अब प्रियंका ने बहनों के अधिकारों का गला घोट दिया। कांग्रेस का इतिहास ही महिला विरोधी रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न हो सके, इसके लिए राहुल गांधी ने पूरा प्रयास किया। राहुल गांधी के पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी 40 साल पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद के माध्यम से पलटकर बहनों को उनके अधिकार नहीं मिलने दिया था। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सभी बहनें इसके खिलाफ जन आक्रोश महिला पदयात्राओं में शामिल हो रही हैं। हमारी तो मातृ सत्ता रही है, जहां देश और देवी-देवताओं के नाम में माताओं को सर्वोपरि रखा जाता है। प्रदेश की बहनों ने विपक्ष की विश्वासघात को सबके सामने लाने के लिए लोकतांत्रित तरीका अपनाते हुए सड़कों पर मार्च करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार हर कदम पर बहनों के मान-सम्मान और बेहतरी लिए उनके के साथ खड़ी है। इसलिए मध्यप्रदेश की प्रत्येक नगर पालिका और नगर निगम में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीस सत्र बुलाया जाएगा, वहां भी निंदा प्रस्ताव के साथ महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित नहीं रख पाएंगे। कांग्रेस और विपक्षी दल कितना भी प्रयास करें, बहनों को भाजपा उनका अधिकार दिलाकर रहेगी। प्रदेश भर से बहनें अपने अधिकारों के पक्ष में आवाज उठाने के लिए भोपाल आई हैं। देश का इतिहास गवाह है कि जब-जब बहनों पर परेशानियां आईं हैं। बहनों को उनका अधिकार दिलाने के लिए भाइयों ने सदैव संघर्ष किया है। महामना मदनमोहन मालवीय, महात्मा ज्योतिबाराव फुले, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए कार्य किया है। इस कार्य को अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ाकर महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आह्वान किया था कि लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के सभी दल एकजुट होकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कराएं, लेकिन संख्या बल के आधार पर ऐसा नहीं हो सका। देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात करने वाले विपक्षी दलों को सजा दिलाई जाएगी, जिन्होंने माताओं-बहनों के साथ अन्याय किया। देशभर की बहनें इसके लिए कभी विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि महिला आरक्षण उनके सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा है। यह कोई राजनीतिक घटना नहीं थी, यह देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का कार्य किया जा रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से विधानसभाओं और संसद में महिला आरक्षण लागू करने के पक्ष में हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं। लेकिन विपक्ष ने सदन में कुठाराघात किया। प्रधानमंत्री ने निःशुल्क शौचालय, उज्ज्वला गैस, नल से जल, मुद्रा योजना, तीन तलाक को खत्म करना एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेक योजनाओं व कार्यों के जरिए महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ाकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू कर सैकड़ों सालों के बाद हमारी बहनों को संसद में आवाज बुलंद करने का मौका मिलने वाला था, लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जैसे नेताओं ने बहनों को संसद में बराबरी का दर्जा नहीं मिलने दिया। उनकी सोच हमेशा महिला विरोधी रही है। उन्होंने महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे आक्रोश यात्राओं के माध्यम से प्रदेश के गांव-गांव और जन-जन तक कांग्रेस सहित विपक्ष के द्वारा किए गए पाप को बताएं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आधी आबादी को उनका संवैधानिक अधिकार देने का ऐतिहासिक प्रयास किया था, लेकिन कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों ने इस ऐतिहासिक अवसर को विफल करने के लिए घिनौना प्रयास किया। कांग्रेस का इतिहास हमेशा महिलाओं के खिलाफ रहा है। कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के अपमान से भरा पड़ा है। कांगेस पार्टी और उसके नेताओं ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का काम किया है। अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो चुकी हैं और किसी भी विरोधी ताकत को अपने रास्ते में रुकावट डालने की अनुमति नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि आज हमारी बहनें सिर्फ एक आवाज नहीं हैं, वह एक बदलाव की आंधी बन चुकी हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं को कमजोर करने का काम किया है, लेकिन अब महिलाएं अपना हक लेने के लिए तैयार हैं। यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि हमें इस आंदोलन को और तेज करना होगा। हर गली, मोहल्ले और गांव-गांव में यह आवाज उठनी चाहिए। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को यह समझना होगा कि अब नारी शक्ति को उनके अधिकार मिलकर रहेंगे। हमारी बहनें अब अपने सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेंगी। कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों को जवाब देना होगा कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों पर डाका क्यों डाला ? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए कार्य कर रहे हैं। अब कोई भी राजनीतिक दल नारी शक्ति को उनका अधिकार प्राप्त करने से नहीं रोक पाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा देश की आधी आबादी को उसका पूरा हक दिलाकर रहेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा पारित नहीं होने देने से देशभर में महिलाएं आक्रोशित हैं। सोमवार को भोपाल में एमवीएम ग्राउंड से रोशनपुरा चौराहे तक जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित मध्यप्रदेश शासन की महिला मंत्रीगण, भाजपा नेत्रियां व कवियित्री अनामिका जैन अंबर सहित हजारों की संख्या में नारी शक्ति व आमजन आक्रोश पदयात्रा में शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान सभी ने काले गुब्बारे आसमान में उड़ाकर कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ अपने आक्रोश को प्रदर्शित किया गया। जन आक्रोश महिला पदयात्रा में महिलाएं कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को सबक सिखाने के लिए लगाए गए नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। बड़ी संख्या में बहनों ने विपक्षी दलों पर कटाक्ष की तख्तियां लेकर पदयात्रा में शामिल हुईं।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री करण सिंह वर्मा, संपतिया उइके, निर्मला भूरिया, विश्वास सारंग, चेतन्य काश्यप, कृष्णा गौर, नारायण सिंह पंवार, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरूआ, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश मंत्री राजो मालवीय, सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, माया नारोलिया, महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वाणी अहलूवालिया सहित पार्टी पदाधिकारी एवं प्रदेश भर से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

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