नई दिल्ली : सोमवार, नवम्बर 25, 2024/ संसद के शीतकालीन सत्र, 2024 की शुरुआत से पहले कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ सरकार की एक बैठक हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने संसद के दोनों सदनों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में सभी का स्वागत किया। अपने शुरुआती संबोधन में, उन्होंने बताया कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार, 25 नवंबर, 2024 को शुरू होगा और सरकारी कार्यों की आवश्यकता के चलते सत्र शुक्रवार, 20 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो सकता है। सत्र में 26 दिनों की अवधि में 19 बैठकें होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस सत्र के दौरान संभावित रूप से 16 विधायी कार्यों और 1 वित्तीय कार्य को शामिल करने के लिए चिन्हित किया गया है।
संसदीय कार्य मंत्री ने आगे कहा कि सरकार सदन के पटल पर, प्रक्रिया और कार्य व्यवहार के नियमों के तहत अनुमन्य किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने संसद के दोनों सदनों के सुचारू संचालन के लिए सभी दलीय नेताओं से सक्रिय सहयोग और समर्थन का भी अनुरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री ने नेताओं को यह भी सूचित किया कि 26 नवंबर को कोई बैठक नहीं होगी क्योंकि इस वर्ष हम 1949 में संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, जिसके बाद देश भर में साल भर के कार्यक्रम होंगे। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक मंत्रालय के मंत्री जगत् प्रकाश नड्डा, जो राज्यसभा में सदन के नेता भी हैं, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विधि एवं न्याय मंत्रालय और राज्य मंत्री संसदीय कार्य अर्जुन राम मेघवाल और राज्य मंत्री संसदीय कार्य एवं सूचना और प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने भी भाग लिया।
बैठक का समापन करते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के लिए सभी नेताओं को धन्यवाद दिया, जिन्हें नोट कर लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार संसद के संबंधित सदनों के नियमों और संबंधित सभापति के निर्णयों के अधीन इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। कुल मिलाकर, बैठक में मंत्रियों सहित 30 राजनीतिक दलों के 42 नेताओं ने भाग लिया।




