नई दिल्ली : बुधवार, जनवरी 15, 2025/ मेटा इंडिया ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग के उस बयान के लिए माफ़ी मांगी है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में मौजूदा सरकार कोविड-19 महामारी से निपटने के अपने तरीके के कारण 2024 में चुनाव हार गई। उनकी इस टिप्पणी को लेकर हुए बड़े विवाद के बीच, कम्पनी ने माफ़ी मांगी है और इसे “अनजाने में हुई गलती” बताया है।
दरअसल केंद्रीय मंत्री निशिकांत दुबे ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारतीय संसद व सरकार को 140 करोड़ लोगों का आशीर्वाद व जन विश्वास प्राप्त है। मेटा (मेटा इंडिया) के अधिकारी ने आखिर अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी है। यह जीत भारत के आम नागरिकों की है। नरेंद्र मोदी को जनता ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बना कर दुनिया के सामने देश के सबसे मजबूत नेतृत्व से परिचय करवाया है। अब इस मुद्दे पर हमारे समिति का दायित्व खत्म होता है, अन्य विषयों पर हम इन सोशल प्लेटफॉर्म को भविष्य में बुलाएंगे, क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो।”
दरअसल, हाल ही में फेसबुक के फाउंडर और मेटा के सीईओ जुकरबर्ग ने ‘जो रोगन पॉडकास्ट’ में शिरकत की थी। इस दौरान उन्होंने भारत के चुनावों पर एक विवादास्पद टिप्पणी की थी। मेटा के सीईओ ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के बाद भारत समेत दुनिया के कई देशों में चुनाव हुए और कई सरकार हारी हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। उन्होंने कहा था कि ये हार दिखाती हैं कि महामारी के बाद लोगों का भरोसा कम हुआ है।
जाहिर है कि भारत को लेकर जुकरबर्ग की ये टिप्पणी गलत है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने भारत में 2024 लोकसभा चुनाव चुनाव जीता और लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है।




