सरदार वल्लभ भाई पटेल की सूझबूझ नहीं होती तो हमारी आजादी अधूरी रहती – हेमंत खण्डेलवाल

भोपाल : शुक्रवार, अक्टूबर 31, 2025/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती, राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश का श्रवण कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत माता की सेवा करने के साथ वर्तमान भारत की इबारत लिखने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं उसे पूरा करते हैं। चाहे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हो, कश्मीर में धारा 370 या तीन तलाक का कलंक हो, अतीत की ऐसी अनेक गलतियों को सुधारने का कार्य प्रधानमंत्री जी कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने आजादी के बाद देश को एक करने का काम किया। आजादी हमें महात्मा गांधी के नेतृत्व और भगत सिंह जैसे हजारों बलिदानियों के कारण मिली, लेकिन सरदार पटेल की सूझबूझ नहीं होती तो शायद हमारी आजादी अधूरी रह जाती।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता परेड कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित किया, तो ऐसा लगा मानो सरदार वल्लभभाई पटेल से लेकर आज के भारत तक की पूरी यात्रा उनके शब्दों में जीवंत हो उठी हो। सरदार पटेल ने केवल देश को आज़ादी दिलाने में भूमिका नहीं निभाई, बल्कि उन्होंने विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत का नक्शा तैयार किया। उन्होंने अंग्रेजों की सार्वभौम सत्ता के बाद आने वाली चुनौतियों का समाधान पहले से ही खोज लिया था। स्वतंत्रता के संघर्ष के बीच, जब देश विभाजन की भीषण पीड़ा से गुजर रहा था, तब भी उन्होंने अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि “मुझे भारत माता की सेवा करनी है।” सरदार पटेल ने जो ठान लिया, उसे पूरा करके दिखाया। वे केवल नीति निर्माता नहीं, बल्कि भारत की एकता के शिल्पकार थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने पंडित नेहरू जी को कई बार अपनी असहमति और सुझाव स्पष्ट रूप से दिए थे। कश्मीर मुद्दे पर वे सीधी और दो-टूक बातचीत के पक्षधर थे, जबकि नेहरूजी ने इस विषय को संयुक्त राष्ट्र में ले जाकर एक अलग राह चुनी थी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दृष्टिकोण है कि महापुरुष किसी दल या विचारधारा की सीमाओं में नहीं बंधते। भारतीय जनता पार्टी ने सदा उन सभी महान व्यक्तित्वों को सम्मान दिया है जिन्होंने देश के लिए उल्लेखनीय कार्य किया, चाहे वे सरदार पटेल हों या पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ का निर्माण कराया गया है, जहाँ सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को ससम्मान प्रदर्शित किया गया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के कारण ही भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में उभरी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन कर्तव्य, सेवा और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। वे केवल भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के वास्तुकार थे। उन्होंने प्रशासनिक कुशलता और दृढ़ नेतृत्व से भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज सरदार पटेल के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विचारों को धरातल पर उतारा जा रहा है। यदि हम सब उनके बताए मार्ग पर चलकर एकता, परिश्रम और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर काम करेंगे तो भारत न केवल सशक्त बनेगा, बल्कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य भी प्राप्त हो जाएगा। खण्डेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें यह सिखाता है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि हम दृढ़ निश्चय और सूझबूझ के साथ आगे बढ़ें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। हमें युवा पीढ़ी को भी यही संदेश देना है कि हम सब एक रहेंगे, तो भारत सदैव अजेय और प्रगतिशील रहेगा।

इस अवसर पर प्रदेश शासन की मंत्री कृष्णा गौर, धर्मेन्द्र लोधी, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश मंत्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, विधायक भगवानदास सबनानी, रामेश्वर शर्मा, पूर्व कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एम. ऐजाज खान, जिला अध्यक्ष रविन्द्र यति सहित पार्टी पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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