नई दिल्ली : गुरूवार, अक्टूबर 2, 2025/ माई भारत राष्ट्रीय ध्वज प्रश्नोत्तरी के विजेता सियाचिन की अपनी ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद नई दिल्ली पहुंचे, जहां केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
राष्ट्रीय ध्वज प्रश्नोत्तरी के 25 विजेताओं का दल 26 सितम्बर से 1 अक्टूबर, 2025 तक सियाचिन बेस कैम्प की यात्रा पर गया था। विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र के अत्यंत प्रेरणादायक वातावरण से घिरे हुए, उन्होंने भारतीय सेना के साथ मुलाकात की, स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित की, तथा अग्रिम पंक्ति पर जीवन की वास्तविकताओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया।
नई दिल्ली में डॉ. मनसुख मांडविया का स्वागत करते हुए, उपस्थित युवाओं ने अपने अनुभव सुनाए तथा सैनिकों में देखी गई बहादुरी, सुव्यवस्था और बलिदान की भावना को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री के साथ बातचीत के दौरान, एक युवा प्रतिभागी ने कहा कि सियाचिन जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तनकारी अनुभव रहा है। उन्होंने विस्तार से बताया कि भारतीय सैनिकों को ऐसी कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करते देखकर उन्हें भी उसी लगन से देश की सेवा करने की प्रेरणा मिली है।
युवा प्रतिभागी मानस मंडल ने कहा, “इस यात्रा के दौरान, मैंने अनुशासन, दृढ़ता और सौहार्द का वास्तविक मूल्य सीखा। युवा प्रतिभागी मानस मोंडल ने कहा, “मैं अपने राष्ट्र के प्रति दायित्व की भावना और अपने समकालीनों के बीच इस संदेश को प्रसारित करने की प्रतिबद्धता के साथ लौट रहा हूं।”
इस अवसर पर संबोधित करते हुए, डॉ. मनसुख मांडविया ने युवाओं के उत्साह और सेवा-भाव तथा कर्तव्यबोध के मूल्यों को अपनाने के लिए उनकी सराहना की, जो “माई भारत” पहल के मूल में हैं। उन्होंने युवाओं से इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन और समुदायों में अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने आग्रह किया, “आपको इस यात्रा के अनुभव और सीख का संदेश इस देश के युवाओं तक पहुँचाना चाहिए।”
इस अवसर पर, युवाओं ने पूरे भारत में राष्ट्रीय गौरव, सेवा और शक्ति का संदेश प्रसारित करने की शपथ ली। उन्होंने मेरे भारत के सक्रिय स्वयंसेवक बने रहने और विकसित भारत के विजन में प्रभावी योगदान देने के अपने संकल्प को दोहराया।




