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65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका की नजर, वेनेजुएला से हुआ बड़ा समझौता

अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा दखल देते हुए एक निजी ऊर्जा कंपनी के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के प्रचुर पेट्रोलियम भंडार तक सीधी अमेरिकी पहुंच बनाना है। इस समझौते के जरिए अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) को वेनेजुएला के कुल कच्चे तेल भंडार के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर सीधा अधिकार मिलेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे वैश्विक इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा करार बताया है। वहीं, पेट्रोलियम मामलों के विश्लेषकों ने आगाह किया है कि वेनेजुएला के जर्जर तेल ढांचे को दुरुस्त करने और उत्पादन को पूरी गति में लाने में वर्षों का समय लग सकता है।

चीन और रूस के पुराने ब्लॉक अब अमेरिकी नियंत्रण में

वेनेजुएला में सक्रिय इस निजी कंपनी को कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने 17 प्रमुख तेल क्षेत्रों पर 100 साल के लिए पट्टा (लीज) दिया है। इन क्षेत्रों में 65 अरब बैरल का प्रमाणित क्रूड ऑयल रिजर्व है। गौरतलब है कि इनमें से अधिकांश क्षेत्रों पर पहले चीनी और रूसी ऊर्जा कंपनियों का वर्चस्व था, जिससे इस समझौते को क्षेत्र में भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन बदलने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका को मिलने वाले रणनीतिक व वित्तीय अधिकार

साझेदारी की शर्तों के तहत अमेरिका को कई बड़े फायदे मिलेंगे:

  • पेंटागन की हिस्सेदारी: नई जॉइंट वेंचर कंपनी में पेंटागन के पास 35 फीसदी की हिस्सेदारी रहेगी।

  • लागत मूल्य पर क्रूड खरीद: अमेरिकी विदेश विभाग को कुल कच्चे तेल उत्पादन का 20 प्रतिशत हिस्सा केवल उत्पादन लागत (एट कॉस्ट) पर खरीदने का कानूनी अधिकार दिया गया है।

  • निजी पूंजी निवेश: कंपनी प्रबंधन ने नए रिफाइनरी और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर के निवेश पर सहमति दी है।

  • प्रशासनिक नियंत्रण: कंपनी के बोर्ड में अमेरिकी नागरिकों का बहुमत होगा और अमेरिकी सरकार के पास फैसलों पर वीटो पावर रहेगी।

समझौते के कानूनी और राजनीतिक पहलू

प्रशासन के अनुसार यह संपूर्ण समझौता अमेरिकी कानूनों और अमेरिकी न्यायिक क्षेत्र के अंतर्गत रहेगा। हालांकि, ऊर्जा मामलों के पूर्व सलाहकारों का मानना है कि भविष्य में वेनेजुएला या वाशिंगटन में सत्ता परिवर्तन की स्थिति में इस समझौते को कूटनीतिक व कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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