मुंबई : रविवार, मई 4, 2025/ मुंबई में विश्व ऑडियो विजुअल और एंटरटेनमेंट समिट (वेव्स) के तीसरे दिन, मोशन पिक्चर एसोसिएशन (एनपीए) ने एक व्यापक रिपोर्ट जारी किया, जिसमें भारत के फिल्म, टेलीविजन और स्ट्रीमिंग क्षेत्रों के राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित किया गया। इस विमोचन के अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और एमपीए के अध्यक्ष और सीईओ चार्ल्स रिवकिन भी उपस्थित हुए।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ. मुरुगन ने एमपीए की वैश्विक नेतृत्व की सराहना की और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों पर भारतीय सिनेमा के बढ़ते प्रभाव को स्वीकार किया। डॉ. मुरुगन ने कहा कि “आरआरआर और बाहुबली जैसी फिल्में से यह साबित हो चुका है कि भारतीय कहानियां भाषाओं और भौगोलिक सीमाओं से उपर हैं।”
उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि केंद्र सरकार एक निर्माता-प्रथम पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करे के लिए नीतियों, उत्पादन प्रोत्साहनों और मजबूत बौद्धिक संपदा सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हाल की एंटी-पायरेसी सुधारों का उल्लेख करते हुए डिजिटल युग में निर्माताओं के अधिकारों की सुरक्षा के महत्व पर बल दिया।
मंत्री ने कहा कि “सिनेमा केवल एक आर्थिक इंजन नहीं है। यह एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक एवं सांस्कृतिक सेतु है। भारत मोशन पिक्चर एसोसिएशन के साथ अपनी साझेदारी को और ज्यादा गहरा करने के लिए तत्पर है, जिससे वैश्विक स्तर पर सम्मानित और सुरक्षित रचनात्मक उद्योग का सह-निर्माण किया जा सके।”
चार्ल्स रिवकिन ने भारत के साथ एमपीए की वर्तमान साझेदारी के लिए उत्साह व्यक्त करते हुए उन्हें देश के मनोरंजन उद्योग के लिए “महत्वपूर्ण क्षण” कहा। श्री रिवकिन ने कहा कि “भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था असाधारण वृद्धि के लिए तैयार है और एमपीए इसका समर्थन करने पर गर्व महसूस करता है।”
रिपोर्ट का अनावरण करने के बाद मुख्य निष्कर्ष को साझा करते हुए, रिव्किन ने कहा कि भारतीय फिल्म, टीवी और स्ट्रीमिंग उद्योगों ने 2.6 मिलियन नौकरियों का समर्थन किया और वार्षिक आर्थिक उत्पादन के अनुसार 60 बिलियन डॉलर से अधिक का उत्पादन किया। उन्होंने कहा कि एमपीए के सदस्य स्टूडियो निवेश, साझेदारी एवं दूरदर्शी नीतियों का समर्थन करते हुए भारत के मनोरंजन क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रिवकिन ने एमपीए के उद्देश्यों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रचनात्मक अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण के बीच संरेखण को रेखांकित करते हुए भारत की कहानी कहने, दृश्य प्रभाव एवं वैश्विक सामग्री निर्यात की शक्ति को उजागर किया।
इस सत्र का समापन एमपीए रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं की वीडियो जारी करने के साथ हुआ, जिसमें सहयोग, नवाचार एवं समावेशी विकास से प्रेरित भविष्य के नीति निर्माताओं एवं वैश्विक मीडिया के बीच साझा दृष्टिकोण को साझा किया गया।




