भोपाल : शनिवार, फरवरी 15, 2025/ मध्य प्रदेश में हुए परिवहन घोटाले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि तत्कालीन परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पूरे परिवहन घोटाले के गिरोह की कमान संभालते थे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन मध्य प्रदेश में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं और इन पर विधानसभा में कोई चर्चा नहीं होती। सिंघार ने परिवहन घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें मंत्री, अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से हर साल 1500 करोड़ रुपये की अवैध वसूली होती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस घोटाले को दबाने का प्रयास कर रही है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
राज्य में पिछले दिनों परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की। इस दौरान एक कार में 52 किलो सोना, 10 करोड़ रुपये की नगदी और ढाई क्विंटल चांदी मिली थी। इसके अलावा कई संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले थे।
उमंग सिंघार ने कहा तत्कालीन परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के कार्यालय से ही सारी डील होती थी। गोविंद राजपूत ने 2019 से 2024 तक 400 करोड़ों रुपए की जमीन खरीदी है। कई बेनामी संपत्ति के भी मालिक हैं गोविंद राजपूत। दस्तावेजों में दी गई जानकारी से साफ है कि भ्रष्टाचार में मंत्री गोविंद राजपूत पूरी तरह लिप्त हैं। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में भी गोविंद सिंह राजपूत और उनके बिजनेस पार्टनर्स ने जमीनें खरीदी। गोविंद राजपूत के संरक्षण में संजय श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और अन्य लोग मिलकर सौरभ शर्मा के जरिए पूरी डील करते थे। 2019 से लेकर 2024 तक तत्कालीन परिवहन मंत्री और मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपनी पत्नी से लेकर अपने बेटे के नाम पर 400 करोड़ से भी ज्यादा की 150 एकड़ अचल संपत्ति खरीदी है। सागर जिले में 100 एकड़ जमीन 600 करोड़ में बिजनेस पार्टनर ने खरीदी। इसके अलावा संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी के नाम, तुकाराम और उनकी पत्नी के नाम और संजय डांडे के नाम पर करोड़ों रुपए की दिल्ली में संपत्ति खरीदी गई। उमंग सिंघार ने गोविंद राजपूत और उनके साथियों की संपत्ति के दस्तावेज भी जारी किए हैं और कहा कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उमंग सिंघार ने साफ कहा कि इस घोटाले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले की शिकायत सौंपेंगे।
प्रदेश कांग्रेस ने मांग की है कि इस घोटाले की उच्चस्तरीय जाँच हो और भ्रष्टाचार में लिप्त सभी नेताओं और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस प्रदेश की जनता के हित में इस लड़ाई को हर स्तर पर लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।




