भोपाल : मंगलवार, अप्रैल 21, 2026/ मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 27 अप्रैल 2026 को महिला आरक्षण के नाम पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाए जाने के निर्णय पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार और प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख हमेशा स्पष्ट, सुसंगत और मजबूत रहा है। महिला आरक्षण का समर्थन कांग्रेस की नीति और उसके इतिहास दोनों में रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जैसे ही “नारी शक्ति” के नाम पर राजनीतिक अवसर दिखाई देता है, तत्काल विशेष सत्र बुला लिया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे शीर्ष नेतृत्व ने पहले की साफ कर दिया है कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं को आरक्षण दिया जाए पूरी कांग्रेस पार्टी इसके समर्थन में है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि डबल इंजन की सरकार यदि सच में 543 सीटों पर महिला आरक्षण देने का संकल्प लाती है, तो कांग्रेस आज भी उसका समर्थन करने को तैयार है। लोकसभा में भी यदि 543 सीटों पर आरक्षण देने के लिए विशेष सत्र बुलाया जाए तो कांग्रेस पूरी ताकत से साथ खड़ी होगी। लेकिन यदि महिलाओं की आड़ में संविधान से छेड़छाड़ करने की कोशिश होगी, तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि प्रदेश की जनता यह देख रही है कि – कफ सीरप जैसी घटनाओं में मासूम बच्चों की मौत होती है। दूषित पानी से दर्जनों लोगों की जान चली जाती है। अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं हो पाती। ओबीसी वर्ग के अधिकारों के साथ अन्याय होता है। और आदिवासी समुदाय अपने हकों के लिए लगातार संघर्ष करता है।
इन गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर सरकार कभी विशेष सत्र बुलाने की आवश्यकता महसूस नहीं करती। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण केवल घोषणाओं या विशेष सत्रों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए ठोस नीतियों, समान भागीदारी और हर वर्ग-विशेषकर ओबीसी और आदिवासी महिलाओं-को न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है।




