भोपाल : रविवार, फरवरी 2, 2025/ कविता का रिश्ता दिल से है। कहीं ना कहीं हम अपने अनुवभवों और आत्मनिरीक्षण (Introspecton) को ही शब्दों के रूप में पिरोते हैं और उसे कविता का रूप देते हैं। यह बात सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव संजय जाजू ने भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल में ‘एक्सपेरिमेंटल पोएट्री, मोर आर्ट ऑर हार्ट? (Experimental Poetry, More Art or Heart?)’ सत्र को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हम जो कुछ देखते हैं और जो कुछ सुनते हैं, वही अनुभव हमारे भीतर से कविता के रूप में सामने आता है। जाजू ने कहा कि कविता लिखना थोड़ा साइंस भी है और गजलें एक फॉर्मेट में लिखी जाती हैं।
सत्र को संबोधित करते हुए जाजू ने आगे कहा कि कविता लिखने का हुनर उन्हें विरासत में अपने पिताजी से मिली है। सत्र के दौरान जाजू ने अपनी कविता ‘मैं और मेरी साइकिल’ समेत कुछ कविताओं का पाठ किया। उन्होंने यंग जनरेशन से आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा कविताएं लिखें, पढ़ें, सुनें और इसके लिए मार्केट भी क्रिएट करें।
सत्र में महशहूर कवि जमशेद ने भी शिरकत की। उन्होंने अपनी किताब ‘हाइकु’ से कुछ लघु कविताओं का पाठ किया। उन्होंने अपने संग्रह ‘स्याही’ से भी कुछ कविताएं पढ़कर दर्शकों को सुनाईं। सत्र का संचालन अस्मा रफत ने किया।
इसके पश्चात जाजू ने दूरदर्शन केंद्र, भोपाल में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के विभिन्न इकाइयों के प्रमुखों एवं अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सचिव महोदय ने विभिन्न इकाइयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने दूरदर्शन के कार्यक्रम एवं समाचार से संबंधित एवं प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘ WAVES’के बारे में चर्चाकर आवश्यक दिशानिर्देश दिए। जाजू ने हाल ही में दूरदर्शन केंद्र में शिफ्ट हुए पीआईबी, भोपाल कार्यालय का भी अवलोकन किया।




