रामराजा सरकार को भी नहीं छोड़ा – ओरछा रामराजा लोक निर्माण में भारी भ्रष्टाचार : मुकेश नायक

भोपाल : सोमवार, मार्च 23, 2026/ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने ओरछा स्थित रामराजा मंदिर में प्रस्तावित “रामराजा लोक” परियोजना में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। नायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में “महालोक” परियोजनाओं की शुरुआत धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन अब यह स्पष्ट होता जा रहा है कि इन परियोजनाओं का उपयोग केवल पर्यटन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के माध्यम के रूप में भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ओरछा का रामराजा मंदिर देश का अद्वितीय आस्था केंद्र है, जहां भगवान श्रीराम को “राजा” के रूप में पूजा जाता है और प्रतिदिन उन्हें शासकीय सलामी दी जाती है। यह बुंदेलखंड की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नायक ने आरोप लगाया कि इस पवित्र स्थल के विकास के नाम पर सरकार द्वारा लगभग 339 करोड़ रुपए की परियोजना तैयार की गई है, जिसमें प्रथम चरण में 153 करोड़ रुपए, द्वितीय चरण में 125 करोड़ रुपए और तृतीय चरण में 74 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना में सबसे गंभीर मामला पत्थरों की खरीद को लेकर सामने आया है। जिस बलुआ पत्थर की बाजार कीमत लगभग 52 रुपए प्रति वर्गफीट है, उसे सरकारी दस्तावेजों में 335 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से खरीदा जा रहा है। यह सीधा-सीधा पांच से छह गुना तक की मूल्य वृद्धि है, जो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है। नायक ने कहा कि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में लोक निर्माण विभाग (PWD) की शेड्यूल ऑफ रेट (SOR) मानक होती है, लेकिन पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार करते हुए स्वयं का नया SOR तैयार कर लिया। जहां PWD के अनुसार पत्थर फिटिंग सहित लगभग 62.5 रुपए प्रति वर्गफीट में उपलब्ध है, वहीं इसे 335 रुपए तय करना गंभीर अनियमितता है।

उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार अधिकतम 10 प्रतिशत तक की दर वृद्धि संभव है, लेकिन यहां 600 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई, जो स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला है। नायक ने वन विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पत्थर माफिया द्वारा वन भूमि से अवैध उत्खनन कर उसे निजी भूमि का बताकर बेचा जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है और प्रशासन कार्रवाई करने में असहाय नजर आ रहा है।

उन्होंने कहा कि कैग (CAG) की रिपोर्ट में भी इस प्रकार की परियोजनाओं में अनियमितताओं पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, इसके बावजूद सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। नायक ने उज्जैन के महाकाल लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी भ्रष्टाचार के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे और प्राकृतिक झोंकों में मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धार्मिक आस्थाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।अंत में नायक ने मांग की कि ओरछा रामराजा लोक परियोजना की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा जनता के पैसे और आस्था दोनों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

 

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