नई दिल्ली : गुरूवार, मार्च 19, 2026/ चैत्र नवरात्रि का पावन उत्सव आज से शुरू हो गया है। नौ दिवसीय पर्व को लेकर देशभर में उत्साह और उमंग है। नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। चैत्र नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का पर्व है। प्रत्येक दिन देवी के एक विशेष रूप की पूजा की जाती है। शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री। इन नौ दिनों में साधक देवी के विभिन्न रूपों की आराधना करके आत्मबल, ज्ञान और शक्ति प्राप्त करता है। यह पर्व यह संदेश देता है कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार तभी संभव है, जब हम भीतर की शक्ति को पहचानें।
नवरात्रि के नौ दिन साधना के नौ सोपान हैं। यह यात्रा बाहरी जगत से भीतर की ओर और फिर भीतर से परम चेतना की ओर ले जाती है। पहले दिन से लेकर नवमी तक साधक क्रमशः अपने भीतर के अज्ञान, भय, मोह और अहंकार को त्यागता है। यह प्रक्रिया किसी युद्ध से कम नहीं है। यह युद्ध बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक है। पहला चरण: शुद्धि—जब मन और शरीर को संयम में लाया जाता है। दूसरा चरण: स्थिरता—जब विचारों को नियंत्रित किया जाता है। तीसरा चरण: साधना—जब आत्मा ध्यान और भक्ति में लीन होती है। चौथा चरण: जागरण—जब भीतर की चेतना प्रकाशित होती है। इन नौ दिनों में व्यक्ति स्वयं को पुनः गढ़ता है, जैसे कुम्हार मिट्टी को आकार देता है।
चैत्र नवरात्रि का एक महत्वपूर्ण पक्ष इसका सामाजिक संदेश है। देवी की पूजा के माध्यम से नारी शक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब नारी का सम्मान हो। कन्या पूजन की परंपरा इसी भावना का प्रतीक है। छोटी-छोटी बालिकाओं में देवी का रूप देखकर उनका पूजन करना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना है कि नारी ही सृष्टि की आधारशिला है। इसके साथ ही यह पर्व सामूहिकता और सेवा की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। लोग मिलकर पूजा करते हैं, भंडारे आयोजित करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुडी पडवा पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उत्सव नए वर्ष के आगमन को दर्शाता है। यह उत्सव सभी के जीवन में नवीनता, आशा और नई संभावनाओं का संचार करता है। श्री मोदी ने कामना कि की नया वर्ष सभी के लिए प्रसन्नता, सफलता और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने, राष्ट्र की आकांक्षाओं को पोषित करने और सार्थक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।




