नई दिल्ली : मंगलवार, मार्च 3, 2026/ दुनिया में आज कई जगहों पर पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से गुजरेगा और आकाश में दाएं से बाएं ओर बढ़ेगा। भारत में यह दुर्लभ खगोलीय घटना दोपहर तीन बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी और शाम छह बजकर 47 बजे समाप्त होगी। चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद शाम 7:00 बजे के पश्चात कपाट दोबारा खोले जाएंगे। इसके बाद मंदिर परिसर की विधिवत साफ-सफाई और शुद्धिकरण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत गंगाजल का छिड़काव, धूप-दीप प्रज्वलन और विशेष मंत्रोच्चार किया जाएगा। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना और आरती आयोजित होगी, जिसमें श्रद्धालु शामिल हो सकेंगे।
सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ कपाट बंद किए गए। इस दौरान मंदिरों में मौजूद श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे सूतक काल की धार्मिक मान्यताओं का पालन करें और घरों में ही भजन-कीर्तन व पूजा-अर्चना करें। कई स्थानों पर मंगलवार सुबह की आरती निर्धारित समय से पहले संपन्न कर ली गई, जिसके बाद मंदिर परिसर को खाली करा दिया गया।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक चंद्रग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। इसी के चलते देवी-देवताओं की मूर्तियों को ढक दिया गया और पूजा सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया। सूतक काल में मंदिरों में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि नहीं की जाती।




