प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा पर सभी को दी बधाई

नई दिल्ली : गुरूवार, जुलाई 10, 2025/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दी हैं। एक्स पर अपनी एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा सभी देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं। गुरु पूर्णिमा के विशेष पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस पावन अवसर पर नागरिकों को बधाई दी और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य के अटूट बंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, मैं सभी गुरुजनों को नमन करता हूं। भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य का संबंध न केवल शिक्षा और दीक्षा का माध्यम है, बल्कि जीवन भर का मार्गदर्शक भी है। उन्होंने आगे कहा “हमारे पूरे इतिहास में, गुरुजनों ने हमेशा अपने शिष्यों में नैतिक मूल्यों, ज्ञान, आचरण, संस्कृति और मातृभूमि के प्रति निष्ठा की भावना का संचार करने का कार्य किया है। इस अवसर पर, मैं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले सभी गुरुजनों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।”

वहीं इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं और इस दिन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने X पर लिखा गुरु की कृपा से, शिष्य अज्ञानता से आत्म-साक्षात्कार की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होता है। मुख्यमंत्री योगी ने अपने पूज्य गुरुओं, महंत अवैद्यनाथ और महंत दिग्विजयनाथ की समाधियों पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, हम हार्दिक श्रद्धा के साथ उन महान गुरुजनों का सम्मान करते हैं जो शिष्यों के व्यक्तित्व को मूल्यों, सेवा और सत्य से आकार देते हैं और उन्हें जीवन के सर्वोच्च आदर्शों से जोड़ते हैं।”

गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज गुरुवार देश भर से श्रद्धा, भक्ति और आस्था की तस्वीरें सामने आईं। अयोध्या का सरयू तट हो, प्रयागराज का त्रिवेणी संगम या काशी का गंगा घाट, हर जगह श्रद्धालु उमड़ पड़े। स्नान, पूजन और गुरु वंदना के माध्यम से लोगों ने अपने श्रद्धा भाव को प्रकट किया। अयोध्या धाम में इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। सरयू नदी के पवित्र घाटों पर श्रद्धालु तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही जुटने लगे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्नान कर मां सरयू का आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रद्धालु मठ-मंदिरों में पहुंचकर अपने गुरुओं के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। चारों ओर हर-हर महादेव और जय गुरु देव के जयकारे गूंजते रहे।

प्रयागराज में भी गुरु पूर्णिमा पर भक्तों का जनसैलाब त्रिवेणी संगम पर उमड़ा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य लाभ कमा रहे हैं। स्नान के बाद लोग दान-दक्षिणा देकर अपने मठों और संतों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाने के साथ-साथ दान पूर्ण कर रहे हैं। प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। घाटों पर पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती रही।

हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैनों द्वारा मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, जो महाभारत के रचयिता और वेदों के संकलनकर्ता ऋषि वेद व्यास की जयंती के रूप में मनाई जाती है। देश भर में, इस दिन गुरु पूजा, प्रार्थना और उपदेशों सहित आध्यात्मिक गतिविधियाँ मनाई जाती हैं। भक्त मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं और अपने आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं के मार्गदर्शन और ज्ञान के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं।

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