कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अप्रैल 2025 में 19 लाख ज्यादा सदस्य जोड़े

नई दिल्ली : रविवार, जून 22, 2025/ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अप्रैल 2025 के लिए अनंतिम पेरोल आंकड़े जारी किए हैं। इसके अनुसार, यह देखा गया है कि ईपीएफओ में 19 लाख 14 हजार सदस्यों को जोड़ा गया है। यह आंकड़ा मार्च 2025 की तुलना में 31.31 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। वर्ष-दर-वर्ष विश्लेषण से पता चलता है कि अप्रैल 2024 की तुलना में पेरोल वृद्धि में 1.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो रोजगार के अवसरों में वृद्धि और कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ी हुई जागरूकता को दर्शाता है, जिसे ईपीएफओ की प्रभावी जनसंपर्क कार्यक्रम पहलों द्वारा बल मिला है।

ईपीएफओ ने अप्रैल 2025 में लगभग 8.49 लाख नए सदस्य पंजीकृत किए, जो मार्च 2025 की तुलना में 12.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। बढ़ते रोजगार के अवसर, कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के सफल आउटरीच कार्यक्रम नए सदस्यों की संख्या में वृद्धि के कारण हैं।

आंकड़ों का एक उल्लेखनीय पहलू 18-25 आयु वर्ग का प्रभुत्व है। ईपीएफओ ने 18-25 आयु वर्ग में 4.89 लाख नए सदस्य जोड़े गये हैं, जो अप्रैल 2025 में जोड़े गए कुल नए सदस्यों का 57.67 प्रतिशत हैं। इस महीने में जोड़े गए 18-25 आयु वर्ग के नए सदस्यों की संख्या पिछले महीने मार्च 2025 की तुलना में 10.05 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

इसके अलावा, अप्रैल 2025 के लिए 18-25 आयु वर्ग के लिए शुद्ध पेरोल वृद्धि लगभग 7.58 लाख है, जो मार्च 2025 में पिछले महीने की तुलना में 13.60 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। यह पहले की प्रवृत्ति के अनुरूप है जो यह दर्शाता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले अधिकांश व्यक्ति युवा हैं, मुख्य रूप से वे जो पहली बार नौकरी की तलाश कर रहे हैं।

ईपीएफओ से लगभग 15.77 लाख सदस्य जो पहले बाहर हो गए थे अप्रैल 2025 में फिर से उन्हें ईपीएफओ से जोड़ दिया गया है। यह आंकड़ा मार्च 2025 की तुलना में 19.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह अप्रैल 2024 की तुलना में 8.56 प्रतिशत साल-दर-साल वृद्धि भी दर्शाता है। इन सदस्यों ने अपनी नौकरी बदल ली और ईपीएफओ के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों में फिर से शामिल हो गए और अंतिम निपटान के लिए आवेदन करने के बजाय अपने संचय को स्थानांतरित करने का विकल्प चुना। इससे उनकी दीर्घकालिक आर्थिक खुशहाली सुनिश्चित हुई तथा उनकी सामाजिक सुरक्षा में वृद्धि हुई।

 

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