भोपाल : मंगलवार, मई 27, 2025/ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आधुनिक भारत के निर्माता पं. जवाहरलाल नेहरू की 61वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय, स्थित राजीव गांधी सभागार में ‘बौद्धिक विमर्श’ का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्तमान राजनीति को कुटिलता और झूठ की राजनीति बना दिया गया है। उन्होंने नेहरू को श्रद्धांजलि देने वाले अटल बिहारी वाजपेई के संसद में दिए भाषण को सुनाते हुए कहा की भाजपा की विचारधारा की एक वह प्रधानमंत्री थे जो कह रहे थे कि नेहरू एक हीरा थे और एक प्रधानमंत्री उसी विचारधारा के नरेंद्र मोदी हैं जो 24 घंटे नेहरू की बुराई करते रहते हैं। अटल जी से लेकर नरेंद्र मोदी काल तक भारतीय जनता पार्टी मूल्यानुगत रूप से कहां पहुंची है यह अपने आप में स्पष्ट है ।
इसी अवसर पर पूर्व सांसद मिनाक्षी नटराजन ने अपने उद्बोधन में नेहरू को वह क्रांतिकारी नेता बताया जो न केवल भारत की आध्यात्मिकता ,उसके इतिहास ,उसके समाज विन्यास और राजनीति की समझ रखता था बल्कि तत्कालीन राजनीतिक सामाजिक और आर्थिक विषमताओं का उनके पास हल भी था। उन्होंने जिस भारत मां की कल्पना की थी उसके हाथ में तिरंगा झंडा था। राष्ट्र और राज्य का अंतर वह कल्पना जानती थी उन्होंने राज्य को राष्ट्र से बड़ा कभी नहीं माना किंतु आज राज्य राष्ट्र पर हावी है। राज्य से आशय स्टेट या व्यवस्था से है ।नेहरू इसीलिए भाषा की लड़ाइयां, पानी की लड़ाइयां, बिजली बंटवारे की लड़ाइयां, राजनीतिक समूहों के वर्चस्व की लड़ाइयां इन सबको सफलतापूर्वक संभाल सके। उन्होंने एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण किया जहां संविधान और संस्थाएं किसी भी अवरोध में मार्ग दिखा सकती थीं।
विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य है पंडित नेहरू के विचारों, उनके विजन, योजना, वैज्ञानिक सोच, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ पर विचार करना और उन्हें वर्तमान समय की चुनौतियों के समाधान के रूप में जोड़कर देखना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस काल में बड़ी बड़ी यूनिवर्सिटी बनीं शिक्षा को आगे बढ़ाया हमारे नौजवानों ने उस शिक्षा का लोहा मनवाया मगर मोदी युग ने वाट्सएप यूनिवर्सिटी को आगे बढ़ाया जिसने,शिक्षा,और मूल्यों का अधोपतन किया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने भी नेहरू के अवदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा आज जब देश को अतीत से जोड़कर उसकी प्रगतिशील सोच को संजोने की ज़रूरत है, तब पं. नेहरू की विचारधारा और उनकी ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ सबसे अधिक प्रासंगिक हो जाती है। यह विमर्श केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए वैचारिक दिशा है।”
विभाग एवं प्रकोष्ठ प्रभारी डा.महेन्द्र सिंह चौहान ने एक शेर सुनाकर समां बांध दिया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटैल,चंद्रिका द्विवेदी,जनरल श्याम श्रीवास्तव,जिलाध्यक्ष अनोखी पटैल,आनंद तारण,अभिनव वारौलिया ,दीपचंद यादव,विचार विभाग के सुभाष बाथम,एड.दीपक सिंह,दीपक गुप्ता,दीपक भुर्जी,विनय शर्मा,अरविंद कुशवाहा, दीपांशु सिंह,मुकेश पटैल,आनंद रघुवंशी,अरविंद सोनी,सूरज तिवारी, स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी, लेखक, इतिहासकार, और छात्र-युवा प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत पं. नेहरू के चित्र पर पुष्पांजली से हुई, तत्पश्चात बौद्धिक सत्र का संचालन किया गया।




