हांगकांग फिल्मार्ट में भारत पैवेलियन का ऐतिहासिक पदार्पण

नई दिल्ली : गुरूवार, मार्च 20, 2025/ वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण , प्रतिष्ठित हांगकांग अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और टीवी मार्केट (फ़िल्मआर्ट) में पहली बार भारत मंडप की शुरुआत हुई। हांगकांग और मकाऊ में भारत की महावाणिज्य दूत सतवंत खनालिया ने इस पैवेलियन का उद्घाटन किया जो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और मीडिया उद्योग में भारत की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (एसईपीसी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा आयोजित भारत मंडप को हांगकांग एवं मकाऊ में भारतीय महावाणिज्य दूतावास का समर्थन प्राप्त है। यह पहल भारतीय सिनेमा के बढ़ते प्रभाव तथा इसके वैश्विक स्तर पर फैलते प्रभाव को उजागर करती है तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देती है और भारत की कहानी कहने की कला की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करती है।

महामहिम सतवंत खनालिया ने उद्घाटन अवसर पर भारत के गतिशील सिनेमाई परिदृश्य पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “फ़िल्मआर्ट में पहली बार भारत मंडप का उद्घाटन करना सम्मान की बात है। भारत का फ़िल्म उद्योग दुनिया के सबसे बड़े उद्योगों में से एक है और इसकी कहानियाँ विभिन्न संस्कृतियों के दर्शकों को अंतर्मन तक प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि यह मंडप भारतीय सिनेमा के लिए वैश्विक साझेदारी और अवसरों के एक नए युग का प्रतिनिधित्व करता है।

मुंबई में 1 से 4 मई 2025 तक आयोजित होने वाले भारत मंडप का मुख्य उद्देश्य विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (WAVES) को बढ़ावा देना है। वेव्स WAVES एक प्रमुख मंच बनने के लिए तैयार है जिसका उद्देश्य वैश्विक मीडिया और मनोरंजन (M&E) उद्योग का ध्यान भारत की ओर आकर्षित करना, व्यापार, नवाचार और सीमा पार सहयोग को बढ़ावा देना है। उद्योग जगत के शीर्ष लोगों, नवोन्मेषकों और हितधारकों के भाग लेने की उम्मीद के साथ वेव्स WAVES का लक्ष्य भारत को दुनिया के कंटेंट हब के रूप में स्थापित करना है।

फिल्मआर्ट के भारत मंडप में पहले दिन कई गतिविधियां हुईं, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद, बैठकें और नेटवर्किंग सत्र आयोजित किए गए। मंडप में सह-निर्माण, सामग्री वितरण और सहयोग पर चर्चा की गई जिससे भारतीय फिल्म निर्माताओं और सामग्री निर्माताओं के लिए नए बाजार तलाशने और अपनी वैश्विक पहुंच का विस्तार करने के लिए नए आयाम खुल गए।

Google Search

Boys Hostel in Bhopal