संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा लोकमाता देवी अहिल्या बाई पर बनी फिल्म को दिल्ली फिल्म फेस्टिवल में मिला सम्मान

भोपाल : गुरूवार, अप्रैल 2, 2026/ देश की राजधानी दिल्ली में मध्यप्रदेश संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा देवी अहिल्या बाई की ३०० वीं जयंती के अवसर पर निर्मित फिल्म लोकमाता देवी अहिल्या बाई को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली – 2026 के दौरान “सिनेमा के माध्यम से इतिहास संरक्षण में योगदान” से सम्मानित किया गया। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा “नाइट ऑफ ऑनर्स” समारोह में फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर को सम्मानित किया। आईएफएफडी, दिल्ली सरकार (NCT) की एक आधिकारिक सांस्कृतिक पहल है, जिसका आयोजन दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा किया जाता है।

अपर मुख्य सचिव संस्कृति, गृह, जेल और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिव शेखर शुक्ला ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली – 2026 में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर पर आधारित फिल्म को मिले सम्मान को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत की वैश्विक पहचान का प्रतीक है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर 7 मिनट की प्रभावशाली एनीमेशन फिल्म, उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप निर्मित की गई है। इसमें उनके सुशासन, धर्म संरक्षण, न्यायप्रियता और मंदिरों के पुनर्निर्माण की गौरवगाथा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है।

जेवीडी एनीमेशन स्टूडियो की निदेशक एवं संस्थापक और फिल्म की निर्देशक डिंपल दुगर ने इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित वरिष्ठ अधिकारियों का फिल्म निर्माण में मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के निर्माण में प्राप्त मार्गदर्शन, सहयोग और विश्वास ने इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान न केवल पूरी टीम के प्रयासों का परिणाम है, बल्कि मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रेरणादायी इतिहास को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर पर आधारित यह फिल्म उनके अद्वितीय जीवन, आदर्श शासन और जनकल्याणकारी कार्यों को केंद्र में रखती है। फिल्म में उनके न्यायप्रिय, संवेदनशील और दूरदर्शी शासन का सशक्त चित्रण किया गया है। धर्म, संस्कृति और समाज के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक कार्य जैसे मंदिरों का पुनर्निर्माण और तीर्थस्थलों का विकास को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। साथ ही, यह फिल्म महिला सशक्तिकरण और सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।फिल्म यह भी दर्शाती है कि किस प्रकार अहिल्याबाई होलकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, नीति और सेवा भाव के साथ शासन करते हुए आदर्श नेतृत्व का परिचय दिया।यह केवल एक ऐतिहासिक कथा नहीं, बल्कि आज के समय में भी सुशासन, नारी शक्ति और सांस्कृतिक गौरव की प्रेरणा देने वाली एक सशक्त प्रस्तुति है। आर इस फिल्म को JIO HOSTAR पर देख सकते हैं।

आईएफएफडी-2026 में 30 हजार से अधिक दर्शकों ने पंजीकरण कराया था।सात दिनों तक चले इस महोत्सव में 100 से अधिक देशों से आई 2,187 फिल्मों की रिकॉर्ड प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें 1,372 अंतर्राष्ट्रीय और 815 भारतीय फिल्में शामिल थीं। राजधानी के 15 से अधिक स्थलों पर प्रदर्शित 125 से ज्यादा फिल्मों ने दर्शकों को विविधता और विषयवस्तु से परिचित कराया।

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