नई दिल्ली : सोमवार, नवम्बर 17, 2025/ बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकार में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान को अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई गई है। मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मोजुमदार के नेतृत्व में तीन सदस्य पीठ ने 453 पेज के फैसले को पढ़ा, जिसमें हसीना को जुलाई-अगस्त 2024 के विद्रोह में छात्र समर्थकों पर घातक कार्रवाई कर उन्हें उकसाने, अपराधिक साजिश रचने और विद्रोह को रोकने में असफल रहने सहित कई मामलों में दोषी करार दिया गया।
मौजूदा निर्वासन में रह रही 78 साल की शेख हसीना ने फैसले की निंदा की है। कार्यवाही को “धांधली” और “राजनीति से प्रेरित” की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि यह निर्णय “बिना किसी डेमोक्रेटिक सरकार द्वारा एक पूर्व निष्कर्ष पर निकाला गया था”। शेख हसीना ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े आरोप उन्हें राजनीति से हटाने के लिए गढ़े गए थे।
बता दें, सुनवाई से इतर स्थानीय मीडिया के अनुसार, सोमवार सुबह तक, पिछले 36 घंटों में, बांग्लादेश पुलिस ने नारायणगंज जिले में अवामी लीग के कम से कम 21 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इस घटना की पुष्टि करते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारेक अल मेहदी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, उन्होंने बताया कि ढाका के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं, प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर नौ चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि 26 मोबाइल टीमें जिले में गश्त कर रही हैं।
हसीना पर हत्या, अपराध रोकने में नाकामी और मानवता के खिलाफ अपराध के अलावा छात्रों को गिरफ्तार कर टॉर्चर करने, एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग, फायरिंग, और लीथल फोर्स का इस्तेमाल करने का आदेश देने समेत तमाम आरोप लगे हैं। बांग्लादेश के प्रॉसिक्यूशन ने शेख हसीना के दोषी पाए जाने पर उनके लिए मृत्युदंड की मांग की थी। बता दें, हसीना की गैरहाजिरी में उनके खिलाफ यह फैसला सुनाया जाएगा। कोर्ट ने 10 जुलाई को हसीना के खिलाफ सभी आरोप तय किए थे।




