भोपाल : बुधवार, जुलाई 30, 2025/ मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन आज कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में आदिवासी अधिकारों को लेकर विधानसभा परिसर में जोरदार और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने पत्तों से बनी मालाएं पहनकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया और आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों को वन पट्टों का अधिकार देना ही नहीं चाहती। प्रदेश में आदिवासियों की जमीनों से बेदखली की जा रही है, वन पट्टे निरस्त किए जा रहे हैं, पेसा कानून को जमीन पर लागू नहीं किया जा रहा है और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को छीना जा रहा है।
उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा आदिवासियों के भूमि पट्टे निरस्त किए जा रहे हैं, जबकि 2006 के पहले से जमीन पर बसे हुए आदिवासियों को नियमानुसार पट्टे दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी कई पीढ़ियों से रह रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को सुझाव दिया कि गूगल मैप और गूगल इमेजिंग जैसी तकनीकों का उपयोग कर यह प्रमाणित किया जा सकता है कि कौन आदिवासी कब से किस जमीन पर रह रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आदिवासियों के हक और अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। यह प्रदर्शन सरकार की आदिवासी विरोधी नीतियों और असंवेदनशील रवैये के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की जनपक्षधर राजनीति का एक अहम हिस्सा था। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के तमाम विधायक मौजूद रहे।




